Bhagat Singh Ke Bare Mein 10 Line | भगत सिंह के बारे में 10 लाइन

मेरे प्यारे मित्रों, आप सभी का बहुत-2 स्वागत है मेरे इस ब्लॉग में । इस लेख में हम Bhagat Singh Ke Bare Mein 10 Line जानेंगे जो हर किसी युवा को पढ़नी चाहिए | इन लाइन्स को पढ़ने से आप सभी को अपनी ज़िन्दगी में आगे बढ़ने का मोटिवेशन मिलेगा |

दोस्तों,  वैसे तो भारत में बहुत सारे स्वतंत्रता सेनानी हुए है जिन्होंने भारत को अंग्रेज़ों की कैद से छुड़ाने में अपना योगदान दिया है लेकिन मै यह समझता हूँ कि भगत सिंह उन चुनिंदा क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों में से एक है जिन्होंने बहुत ही मात्र 23 वर्ष की उम्र में देश को आज़ाद करवाने के लिए अपने प्राणो कि आहुति दे दी थी |

ऐसे अमर शहीद को मै शत-2 नमन करता हूँ जिसने इतनी कम उम्र में ही लोगों के दिल में अपनी जगह बना ली | आइये पढ़ते हैं भगत सिंह के बारे में 10 लाइन:

भगत सिंह के बारे में 10 लाइन | 10 Lines On Bhagat Singh in Hindi

Bhagat Singh Ke Bare Mein 10 Line

1) भगत सिंह का जन्म सितम्बर, 1907 में पंजाब के बंगा गांव में एक सिख परिवार हुआ जो कि अब पाकिस्तान में है |

2) भगत सिंह के पिता का नाम सरदार किशन सिंह और माता का नाम विद्यावती था |

3) सन 1923 में भगत सिंह ने लाहौर में नेशनल कॉलेज में दाखिला लिया |

4) भगत सिंह बचपन से ही बहुत जिज्ञासु थे और पढ़ने के शोंक के कारण अपना ज्यादातर समय वह लाइब्रेरी में ही बिताते थे |

5) सन 1926 में भगत सिंह ने नौजवान भारत सभा की स्थापना की जिसका मुख्य उदेश्य नौजवानों को देश की आज़ादी के लिए जागरूक करना था |

6) भगत सिंह के साथ उनके दल में उनके प्रमुख साथी थे: चन्दरशेकर आज़ाद, सुखदेव और राजगुरु |

7) सन 1928 में भगत सिंह ने लाला लाजपत राय की मौत का बदला लेने के राजगुरु के साथ मिलकर जॉन सांडर्स को मारने का प्लान बनाया लेकिन बदकिस्मती से सांडर्स की जगह स्कॉट को मार दिया |

8) "इंक़लाब ज़िंदाबाद" मौलाना हसरत मोहनी द्वारा लिखा गया ये नारा सन 1920 में भगत सिंह द्वारा उनके लेखों, भाषणों में खूब प्रचलित हुआ |