जानिए KYC Kya Hai? और क्यों जरुरी होता है? पूरी जानकारी

मेरे प्यारे दोस्तों, जैसा कि आप आर्टिकल का टाइटल देखकर समझ ही गए होंगे कि मै आज आपको किस बारे में जानकारी देने जा रहा हूँ। तो KYC Kya Hai? और KYC का क्या महत्व है?

अगर आप KYC के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं तो मै आप सभी से निवेदन करना चाहता हूँ कि इस आर्टिकल को पुरा अंत तक पढ़ें ताकि आप इसके बारे में कोई भी जानकारी मिस न करें | तो चलिए अब हम आर्टिकल शुरू करते हैं |

बात चाहे बैंक में खाता खुलवाने की हो, नया Paytm अकाउंट बनाने की हो, म्यूच्यूअल फण्ड में पैसा लगाना हो या कोई बीमा लेना हो | केवाईसी इन सभी कार्यों में एक एहम भूमिका निभाता है | आपको केवाईसी करवाने के लिए क्यों बोला जाता है?

सबसे पहले हमारा यहाँ पे ये जानना ज़रूरी है कि KYC Kya Hai? इसका हमे क्या लाभ हो सकता है? इसके नुक्सान क्या हो सकते हैं? ऐसे तमाम सवाल अगर आपके दिमाग में भी घूम रहे हैं तो इस आर्टिकल के साथ बने रहिये |


KYC Kya Hai? केवाईसी क्या है? जानिये विस्तार से 


जाहिर सी बात है कि सबसे पहले जो प्रश्न दिमाग में आता है वो यह है कि KYC Kya Hai? और इसकी आवश्यकता आखिर हमें क्यों पड़ती है? तो चलिए शुरू करते हैं:

KYC Kya Hai?

दोस्तों, अगर सरल भाषा में कहूं तो इसका मतलब होता है Know Your Customer जिसका हिंदी में अर्थ होता है: "अपने ग्राहक को जानो"
    
केवाईसी (KYC) एक प्रकार की प्रक्रिया है जो मूल रूप से ग्राहक के बारे में हमें जानकारी देता है जैसे कि ग्राहक का नाम, पता और ग्राहक के बारे में और महत्वपूर्ण जानकारी आदि |

उदाहरण (For Example): मान लीजिये आपको किसी बैंक में अपना एक नया अकाउंट खुलवाना है और बैंक द्वारा आपसे आपके कुछ महत्वपूर्ण डाक्यूमेंट्स मांगे जाते हैं जैसे कि आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी आदि।

बैंक द्वारा की जा रही इस वेरिफिकेशन प्रक्रिया को ही KYC कहा जाता है |     

आप सभी की जानकारी के लिए बता दूँ की KYC की प्रक्रिया आजकल हर काम में लागु हो रही है फिर चाहे वो काम सरकारी हो या प्राइवेट, यह प्रक्रिया अनिवार्य की जा रही है |