एक प्रोफेशनल Software Engineer Kaise Bane? और लाखों कमाएं घर बैठकर

टेक्नोलॉजी की इस आधुनिक दुनिया मै सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग एक ऐसा प्रोफेशन है जो वर्तमान जनरेशन को काफी आकर्षित करता है। दोस्तों इस ब्लॉग पोस्ट को पूरा पढ़ें जिसमे मै आप सभी को बताऊँगा कि एक Software Engineer Kaise Bane?

हर कोई आज के इस डिजिटल युग मै यह जानना चाहता है की एक प्रोफेशनल Software Engineer Kaise Bane? बेसिक कंप्यूटर गेम्स से लेकर Professional Websites, Android Games, ऑनलाइन टिकट बुकिंग सिस्टम, इंटरनेट बैंकिंग इत्यादि ये सारी चीज़ें सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का ही कमाल है |

दोस्तों सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग (Software Engineering) की तरफ बढ़ते इस रुझान का एक यह कारण भी है जैसे के आज हम एंड्राइड फ़ोन्स में कई तरह के हाई ग्राफ़िक्स गेम्स और ऍप्लिकेशन्स को देखते हैं जिससे हमारे अंदर सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग क्षेत्र में जाने की और भी लालसा उत्पन्न होती है |

भारत में ऐसे बहुत से लोग हैं जो कि एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते हैं लेकिन जानकारी के अभाव के कारण वे सही कदम नहीं उठा पाते | तोह आइए विस्तार से जानते हैं एक प्रोफेशनल सॉफ्टवेयर इंजीनियर कैसे बने

एक Software Engineer Kaise Bane? पूरी जानकारी पढ़ें     

Software Engineer Kaise Bane






     
जब भी कोई सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग क्षेत्र में अपना पहला कदम रखता है तो उसके मन में बहुत सारे सवाल होते हैं जैसे कि सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग क्या है? इस क्षेत्र में वेतन कितना मिलता है? भविष्य में इसका क्या स्कोप है? क्या सॉफ्टवेयर इंजीनियर हर कोई बन सकता है?


Software Engineering क्या है ?


सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कंप्यूटर साइंस की वो ब्रांच, है जिसमे अच्छी तरह से परिभाषित वैज्ञानिक सिद्धांतों, विधियों और प्रक्रियाओं का प्रयोग करके एक सॉफ्टवेयर उत्पाद को बनाया जाता है | जिसे हम सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कहते हैं     

12th Ke Baad Software Engineer Kaise Bane? बारहवीं कक्षा के बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियर बने


मेरा सुझाव (My Suggestion): दोस्तों यहाँ इस बात से फर्क नहीं पड़ता की दसवीं कक्षा के बाद आपने मेडिकल लिया है, नॉन मेडिकल लिया हैं या फिर हमनीटीएस का सब्जेक्ट लिया है।

आपको बस करना यह है की 10वीं कक्षा पास करते ही कंप्यूटर प्रोग्रामिंग सब्जेक्ट जरूर चुनना है ताकि आप प्रोग्रामिंग के कुछ बेसिक्स दो सालों में ही सीख जाएँ और आपको डिग्री करने में कोई दिक्कत न हो |


#1. इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग (Industrial Training)


दोस्तों क्या आपने कभी सोचा है की आप बिना डिग्री के भी एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन सकते हैं | ये बात सुनकर आपको थोड़ा अटपटा ज़रूर लग सकता है क्यूंकि आज के इस डिजिटल युग में बहुत सी ऐसी कंपनियां है जो आपको बारहवीं कक्षा के बाद ही इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग दे देती हैं।

यहाँ इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग से भाव ये है कि आईटी कम्पनीज आपसे पैसे लेती हैं ट्रेनिंग देने के किसी ख़ास समय सीमा के लिए। आमतौर पर इनकी ट्रेनिंग अवधि 3 से 6 महीने तक हो सकती है |

यहाँ पर आपकी और से सवाल ये भी आ सकता है कि ट्रेनिंग में आपको क्या सीखना पड़ेगा? अगर आपको सॉफ्टवेयर इंजीनियर (Software Engineer) बनना है तो।  

उदाहरण (For Example): मान लीजिये आपने बारहवीं कक्षा पास की और अभी आप एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते हैं। आप अपने शहर मै किसी भी आईटी इंस्टिट्यूट में जाकर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीख सकते हैं।
सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में जो महत्वपूर्ण प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेज होती हैं वो हैं C,C++, Java, Python आदि | आप C programming language से शुरुआत कर सकते हैं| ज्यादातर इंस्टिट्यूट 20-25 हज़ार रूपये 3 से 6 महीने के आपसे चार्ज करते हैं|

ट्रेनिंग लगाने के फायदे : 1) डिग्री करने के मुकाबले ट्रेनिंग लगाना काफी ज्यादा सस्ता पड़ता है |

2) ट्रेनिंग लगाने के बाद कई ट्रेनिंग इंस्टीटूट्स आपकी प्राइवेट कम्पनीज में सीधी भर्ती करवा देते हैं।
3) जिन 4 सालों में आप अपनी डिग्री पूरी करते हैं उन्ही चार सालों में आपको अच्छा खासा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का अनुभव हो जाता है |
4) थ्योरी पढ़ने के मुकाबले आपको प्रैक्टिकल ज्यादा करवाया जाता है जिससे आपकी प्रोग्रामिंग की समझ और ज्यादा मजबूत हो जाती है|


#2. कंप्यूटर साइंस में बैचलर डिग्री करें (Degree in Computer Science)


दोस्तों, अगर आप कंप्यूटर में डिग्री करना चाहते हैं तो आज कल यूनिवर्सिटीज और कॉलेजेस में बहुत सारे कंप्यूटर से सम्बंधित डिग्री कोर्स उपलब्ध है जिनकी अवधि 3 से 4 साल तक होती है | ये कुछ महत्वपूर्ण कोर्स हैं जो आप कर सकते हैं |

1. बैचलर ऑफ़ कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (Bachelor of Computer Science and Engineering)
2. बैचलर ऑफ़ कंप्यूटर ऍप्लिकेशन्स (Bachelor of Computer Applications)
3. बैचलरस इन इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी (B.Sc IT)

 

#3. वीडियो टुटोरिअल्स (Video Tutorials)


इंटरनेट आज विज्ञान की अब तक की सबसे बड़ी देन है और इस बात में कोई संदेह नहीं है | जितना ज्यादा हो सके इंटरनेट पर प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेज का अध्ययन करें और यूट्यूब पे ज्यादा से ज्यादा प्रोग्रामिंग के बारे में स्टडी करें |
ऐसा मन जाता है जब आप किसी चीज़ को प्रत्यक्ष रूप में देखते हो तो वो चीज़ आपको ज्यादा समय तक याद रहती है | वैसे तो कुछ महत्वपूर्ण प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेज जैसे की C, C++, Java और Python, इनमें से किसी एक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को भी अगर आप अच्छी तरह सीख लेते हैं तो आपको सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने से कोई भी नहीं रोक सकता |

आपको यूट्यूब पर प्रोग्रामिंग से सम्बंधित टुटोरिअल आराम से मिल जाएंगे और आप वीडियोस को देखकर खुद कोडिंग करके अपनी स्किल्स को स्ट्रांग क्र सकते हैं |

 

#4. प्रोग्राम लॉजिक को सुधारें (Improve Programming Logic)

 

काम भले ही कोई भी हो लेकिन जब तक किसी काम को सही तरीके से नहीं किया जाता तब तक वो काम अच्छी तरह से नहीं सीखा जा सकता |

इसी तरह प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को सीखने का भी एक तरीका होता है। जब भी आप कोई प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को सीखते हो तो जो महत्वपूर्ण बात यहाँ होती है वो है उसके लॉजिक को ध्यान से समझना |

अगर आपको छोटे छोटे प्रोग्रामिंग के लॉजिक समझ में आगये तो समझ लीजिये पूरी प्रोग्रामिंग समझ में आ गयी | इसलिए जितना हो सके प्रोग्रामिंग में छोटे छोटे ऑपरेशन्स के अलग अलग तरीकों के प्रोग्राम्स बनाएं जिससे होगा यूँ की आपके लॉजिक्स ाची तरह से क्लियर हो जाएंगे |

उदाहरण (For Example) : 1. मान लीजिये आप एक प्रोग्राम बनाते हैं जिसमे आपने तीन नंबर लिए है और आपने इन नंबर्स को एक दूसरे से तुलना करनी है |

इसी प्रोग्राम को अगर आप दो या तीन और तरीकों से बनाते हैं तो इससे आपका प्रोग्रामिंग लॉजिक बिल्ड होगा |